
विज्ञापनों पर नजर रखने वाली इकाई एएससीआई ने अप्रैल में 114 विज्ञापनों को भ्रामक पाया है। इनमें फार्मईजी, इंदुलेखा शैम्पू और डव शैम्पू जैसे विज्ञापन शामिल हैं। एएससीआई को कुल 206 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसमें से 114 विज्ञापनों को पूरी तरह भ्रामक पाया गया, जबकि 43 में कोई खामी नहीं मिली। भ्रामक पाए गए विज्ञापनों में से 59 शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि 35 विज्ञापन स्वास्थ्य क्षेत्र के हैं।




