प्रीति हत्याकांड के विरोध में परिजनों ने दिया धरना

मांगा 25 लाख मुआवजा तथा एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी

नई दिल्ली : विगत 26 जुलाई को भोगल में हुई प्रीति माथुर हत्याकांड में पुलिस रवैया के खिलाफ परिजनों और समाजसेवी संगठनों में दिल्ली में धरना दिया। परिजनों ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये​ आर्थिक मदद दी जाए, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी प्रदान की जाये, प्रीति के पजिनों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी का आवास उपलब्ध कराया जाये, अनु.जाति, अनु.जनजाति, ओबीसी वेलफेयर विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जाये।

बता दें कि बीते 26 जुलाई को भोगल में प्रीति माथुर की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गयी थी। मृतका के अनु.जाति से होने के बावजद थाना हजरत निजामुद्दीन की पुलिस ने मुकदमे को अनु. जाति—जनजात अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं में पंजीकृत नहीं किया। आरोप है कि मृतका के परिजनों की शिकायत पर आयोग ने दिल्ली सरकार व डीसीपी साउथ ईस्ट दिल्ली को 15 दिन में कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश भी दिया था लेकिन परिजनों से इससे अवगत नहीं कराया गया।

आज के धरना प्रदर्शन में परिजनों के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ.चन्द्रकांता के. माथुर, गाडगे यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय संरक्षक अमरदीप सिंह, यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष रूपेश कुमार, जे.जे. चौधरी (समाजसेवी दिल्ली), ​बृजेश माथुर, अखिलेश दिवाकर, संदीप कनौजिया, सुनीत, मोहित तथा काफी संख्या में क्षेत्रीय लोग शामिल हुए।

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