दवा वितरण घोटाले में सीबीआइ जांच को सीएम के अनुमोदन का इंतजार

नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) में हुए दवा वितरण घोटाले में आरोपित सात स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सीबीआइ जांच को अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुमोदन का इंतजार है। मुख्यमंत्री ही यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपितों के खिलाफ जांच की अनुमति दी जाए या नहीं। संभावना इस बात की भी है कि सरकार पहले स्वयं इस मामले का परीक्षण करा सकती है।

उत्तराखंड में एनआरएचम घोटाले में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का मसला गरमाया हुआ है। दरअसल यह मामला सबसे पहले तब सामने आया था जब वर्ष 2010 में रुड़की के एक नाले में काफी मात्रा में दवाइयां मिली थीं। इस पर विभागीय स्तर से जांच की गई, लेकिन कोई खास निष्कर्ष नहीं निकल पाया।

सूचना आयोग में मामला पहुंचने पर आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआइ से कराने की संस्तुति की। वर्ष 2014 में शासन ने मामले की जांच के लिए सीबीआइ को पत्र लिखा। अब सीबीआइ ने इसकी जांच में रुचि दिखाते हुए गत सितंबर माह में शासन को एक पूर्व सीएमओ समेत सात लोगों के नामों की सूची देते हुए इन पर कार्रवाई करने की अनुमति मांगी।

जब एक माह तक शासन से कोई जवाब नहीं मिला तो सीबीआइ ने फिर रिमाइंडर भेजा। इस पर यह पत्रावली तेजी से चल निकली है। अब शासन ने प्रकरण की समस्त पत्रावलियां सीएम कार्यालय को भेज दी हैं। अब सीएम को इस पर निर्णय लेना है। सूत्रों की मानें तो सचिव स्वास्थ्य व गृह के विदेश दौरे पर होने के चलते अभी तक इस पर निर्णय नहीं हो पाया था। अब जल्द ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube