जिनपिंग ने उठाया कड़ा कदम, बिना चीनी सरकार की अनुमति के बाइट डांस नहीं बेच सकती टिकटॉक

भारत समेत कई देशों में बैन शॉर्ट वीडियो ऐप TikTok को खरीदने के लिए माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और कई अन्य अमेरिकी कंपनियों के सामने आने के बाद चीन (China) भी सख्त होता नज़र आ रहा है. चीन ने पूरी ताकत लगा दी है कि टिकटॉक का बिजनेस कोई अमेरिकी या यूरोपीय कंपनी नहीं खरीद पाए. चीन ने कड़ा कदम उठाते हुए एक्सपोर्ट के लिए प्रतिबंधित वाली सूची में अब टेक्नोलॉजी से जुड़े निर्यात ((Restrictions on Technology Exports) को भी शामिल कर दिया है.

रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक जिनपिंग सरकार ट्रंप के उस आदेश के बाद हरक़त में आई है जिसमें कहा गया है कि वह देश में अपना ऑपरेशन बंद करे या फिर किसी अमेरिकी कंपनी को अपना कारोबार बेच कर लौट जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के नए कदम से TikTok चलाने वाली कंपनी ByteDance को अपना कारोबार किसी विदेशी कंपनी को बेचने से पहले इस नए नियम का पालन करना होगा. इस नियम के तहत चीनी कंपनियों को अपना कारोबार किसी विदेशी कंपनी को बेचने से पहले चीनी प्रशासन से अनुमति लेनी होगी.

12 साल बाद सख्त हुई है चीनी सरकार
बीजिंग स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस एंड इकॉनोमी के प्रोफेसर सुई फैन (Cui Fan) ने बताया कि बीते 12 वर्षों में पहली बार निर्यात पर चीन की ओर से ऐसे प्रतिबंध लगाए गए हैं. इस नियम का मतलब ये हुआ कि अब बाइटडांस को अपना टिकटॉक ऐप बेचने से पहले चीनी सरकार की ओर से निर्धार‍ित लाइसेंस प्रक्रिया का पालन करना होगा. गौरतलब है कि टिकटॉक को खरीदने के लिए अमेरिका की कई कंपनियों ने दिलचस्‍पी दिखाई थी. खरीद की लाइन में सोशल वीडियो प्लेटफॉर्म ट्रिलर भी शामिल हो गया था. उसने लंदन स्थित वैश्विक निवेश कंपनी सेंट्रीकस के जरिये टिकटॉक की चीन स्थित मूल कंपनी बाइटडांस के समक्ष 20 अरब डॉलर (करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये) की बोली लगाई थी.
‘द वर्ज’ में ट्रिलर के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन बॉबी सर्नेवेष्ट ने टिकटॉक के बजाय उसकी मूल कंपनी बाइटडांस के चेयरमैन के सामने सीधे बोली लगाई थी. बॉबी सर्नेवेष्ट ने बीते दिनों इसकी पुष्टि की थी कि उन्हें बोली के दस्तावेज मिल गए हैं. उनका कहना था कि निचले स्तर पर काम कर रहे लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि उच्चतम स्तर पर क्या हो रहा है. हालांकि टिकटॉक ने ऐसे किसी प्रस्ताव से इन्कार किया था. वहीं वॉलमार्ट पहले ही इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि वह माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर टिकटॉक को खरीदने की कोशिश कर रही है. बता दें कि टिकटॉक के दुनियाभर में 70 करोड़ यूजर हैं. दस करोड़ यूजर तो अकेले अमेरिका में ही हैं.

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