CIA ने VHP-बजरंग दल को बताया उग्रवादी संगठन, RSS को राष्ट्रवादी

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल को धार्मिक उग्रवादी संगठन तथा आरएसएस को राष्ट्रवादी संगठन बताया है.अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल को धार्मिक उग्रवादी संगठन तथा आरएसएस को राष्ट्रवादी संगठन बताया है.  सीआईए द्वारा जारी वर्ल्ड फैक्ट बुक में विहिप और बजरंग को 'राजनीतिक दवाब समूह' की श्रेणी में शामिल किया गया है. सीआईए की फैक्टबुक में विहिप और बजरंग दल के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख एक 'राष्ट्रवादी संगठन' के तौर पर किया गया है.  इस सूची में कश्मीर के संगठन ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को एक अलगाववादी समूह बताया गया है. इसी तरह जमीयत उलेमा-ए-हिंद को एक 'धार्मिक संगठन' बताया है.  वर्ल्ड फैक्टबुक अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का सालाना पब्लिकेशन होता है. इसमें दुनिया के 267 देशों-क्षेत्रों के इतिहास, लोगों, सरकार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, भूगोल, संचार, यातायात, सेना और कई अन्य मसलों पर जानकारी दी जाती है.  खबरों की मानें तो दोनों ही संगठन इस कदम से नाखुश हैं और इस टैग को हटाने के लिए कानूनी रास्तों को अपनाने का विचार कर रहे हैं. 'द प्रिंट' से बात करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक मनोज वर्मा ने कहा कि 'यह कुछ दिनों पहले हमारी जानकारी में आया था. हम विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और इसका सामना करने के लिए कानूनी सलाह चाहते हैं.'  ‘राजनीतिक दबाव समूह और नेता’ श्रेणी के तहत दोनों संगठनों को उग्रवादी धार्मिक संगठनों के रूप में नामित किया गया है.

सीआईए द्वारा जारी वर्ल्ड फैक्ट बुक में विहिप और बजरंग को ‘राजनीतिक दवाब समूह’ की श्रेणी में शामिल किया गया है. सीआईए की फैक्टबुक में विहिप और बजरंग दल के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख एक ‘राष्ट्रवादी संगठन’ के तौर पर किया गया है.

इस सूची में कश्मीर के संगठन ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को एक अलगाववादी समूह बताया गया है. इसी तरह जमीयत उलेमा-ए-हिंद को एक ‘धार्मिक संगठन’ बताया है.

वर्ल्ड फैक्टबुक अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का सालाना पब्लिकेशन होता है. इसमें दुनिया के 267 देशों-क्षेत्रों के इतिहास, लोगों, सरकार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, भूगोल, संचार, यातायात, सेना और कई अन्य मसलों पर जानकारी दी जाती है.

खबरों की मानें तो दोनों ही संगठन इस कदम से नाखुश हैं और इस टैग को हटाने के लिए कानूनी रास्तों को अपनाने का विचार कर रहे हैं. ‘द प्रिंट’ से बात करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक मनोज वर्मा ने कहा कि ‘यह कुछ दिनों पहले हमारी जानकारी में आया था. हम विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और इसका सामना करने के लिए कानूनी सलाह चाहते हैं.’

‘राजनीतिक दबाव समूह और नेता’ श्रेणी के तहत दोनों संगठनों को उग्रवादी धार्मिक संगठनों के रूप में नामित किया गया है.

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