SC/ST-एक्ट में संशोधन कर केंद्र ने लोकतांत्रिक ढांचे को किया कमजोर : अनूप पांडेय

नई दिल्ली : पूर्वांचल पीपुल्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप पांडेय ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कानून बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर किया है। मंगलवार को पांडे के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 8 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने इस कानून को बदलने की मांग की। मंगलवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सरकार जो अध्यादेश लाई है वह एक काला कानून है और इससे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को खतरा पैदा हो गया है। वोट की राजनीति के लिए देश को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही इस कानून को बदला नहीं गया तो सभी वर्गों को जोड़ते हुए एक देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस तरह की नीतियों से देश कमजोर हुआ है और आगामी चुनाव में जनता उन्हें सबक भी सिखाएगी। पांडेय ने बताया कि वह 3 अक्टूबर को बलिया से एसटी-एससी एक्ट में संशोधन के खिलाफ 8 सूत्री मांगों को लेकर पूर्वांचल का दौरा करते हुए लखनऊ, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद होते हुए आज दिल्ली पहुंचे और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उनकी 14 दिवसीय सामाजिक न्याय यात्रा में हर जगह भरपूर समर्थन मिला है। यात्रा में उनके साथ आशीष मिश्रा, प्रिया द्विवेदी, दीपक सिंह (राष्ट्रीय सचिव), चतुर्भुज गिरी (राष्ट्रीय सचिव), नीरज सिंह (अध्यक्ष, नोएडा), जितेन्द्र पांडेय (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), अखिलेश सिंह (हनुमान वाहिनी), आर.के.पांडे, सपाक्स के राहुल सिंह, पीयूष पंडित (स्वर्ण भारत), संतोष दुबे (उत्तर प्रदेश अध्यक्ष), विवेक सिंह, रामेंद्र द्विवेदी, दिलीप भारद्वाज, अश्वनी गिरी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।

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