US: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने रूसी हस्तक्षेप को बताया असली, ट्रम्प ने कहा था ‘TOTAL HOAX’

वाशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा है कि 2018 में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रूस के दखल देने की आशंका बहुत प्रबल है. एजेंसी का कहना है कि ट्रंप प्रशासन नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव और 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में किसी भी हस्तक्षेप की कोशिशों को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है. अमेरिका की शीर्ष खुफिया एजेंसियों ने जनवरी 2017 में कहा था कि रूस ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था. लेकिन खुद ट्रम्प कई बार रूस के दखल देने की खबरों को कई बार फर्जी रिपोर्टिंग और छल बता चुके हैं.

ट्रम्प ने पूरी जांच को ही बताया विच हंटिंग

रूस ने 2016 चुनावों में किसी भी तरीके की भूमिका से साफ़ इन्कार किया है और अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी खुले मंच पर इस तरीके के आरोप लगाने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी की निन्दा की है. उन्होंने पूरी जांच को ही “witch hunt” ठहराते हुए नकार दिया है.

राष्ट्रीय खुफिया निदेशक डैन कोट्स ने कल व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम जानते हैं कि रूस ऐसा इकलौता देश नहीं है जिसकी दिलचस्पी घरेलू राजनीति को प्रभावित करने में है. हम जानते हैं कि और भी है जिनमें यह क्षमता है. शायद वे लोग ऐसा करने पर विचार भी कर रहे हैं. हम ऐसी कोशिशों पर निगरानी रखना और इनके खिलाफ आगाह करना जारी रखेंगे.”

अमेरिका को कमजोर करने की हो रही साजिश

एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर वे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और होमलैंड सुरक्षा मंत्री किर्स्टजेन नीलसन के साथ संवाददाता सम्मेलन में कोट्स ने दावा किया कि मध्यावधि चुनावों में रूसी हस्तक्षेप के बारे में अमेरिका को लगता है कि वह हमारे देश को ‘‘कमजोर करने और विभाजित’’ करने की कोशिश कर रहे हैं. बोल्टन के अनुसार, पिछले साल जनवरी के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रणाली को छेड़छाड़ और हस्तक्षेप से बचाने के लिए ‘‘सख्त कार्रवाई’’ की है.

खुफिया एजेंसी की ओर से इस तरीके के बयान उस समय आये हैं जब ट्रम्प पर इस तरीके के आरोप लग रहे हैं कि वो विदेशी खासतौर से रूसी दखलन्दाजी पर कुछ नहीं कर रहे हैं. खुफिया एजेंसी के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि ट्रम्प के सख्त निर्देश हैं कि आगामी चुनावों में किसी भी तरीके का हस्तक्षेप न होने पाए. साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और खुफिया एजेंसी अलग अलग राहों पर चल रहे हैं.

Related Articles

Back to top button
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
YouTube