इंडोनेशिया प्लेन क्रैश होने से पहले पायलट ने मांगी थी मदद

समुद्र में गिरा विमान, दिल्ली के पायलट समेत सभी 189 यात्रियों की मौत

जकार्ता। इंडोनेशिया के जकार्ता से पांकल पिनांग शहर जा रहा यात्री विमान सोमवार को उड़ान भरने के 13 मिनट बाद समुद्र में क्रैश हो गया। इसे भारत में दिल्ली के रहने वाले भव्य सुनेजा उड़ा रहे थे। जांच और बचाव दल ने विमान भी में सवार सभी 189 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है। विमान संपर्क टूटने वाली जगह से करीब दो नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर कारावांग की खाड़ी में क्रैश हुआ।इंडोनेशिया एयर नेविगेशन के अधिकारी सिंदु रहायु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि विमान के उड़ान भरने के बाद पायलटों ने लौटने की अनुमति मांगी, लेकिन इजाजत मिलने के ठीक बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) का फ्लाइट से संपर्क टूट गया।

फ्लाइटरडार के डेटा में लॉयन एयर फ्लाइट जेटी-610 स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:20 बजे टेकऑफ के 13 मिनट बाद समुद्र के ऊपर गुम होता दिखाया गया। गायब होने से पहले प्लेन 5000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका था। मगर, कुछ ही देर बाद उसकी ऊंचाई लगातार कम होती गई। संपर्क टूटने से ठीक पहले विमान करीब 3650 फीट की ऊंचाई पर था। साथ ही इसकी स्पीड भी बढ़कर 345 नॉट हो गई थी। बताते चलें कि फ्लाइटरडार दुनियाभर की उड़ानों की जानकारी रखने वाली वेबसाइट है।

फ्लाइट में सवार सभी 188 यात्रियों के मारे जाने की आशंका है, जिसमें तीन बच्चों समेत दो पायलट और छह अन्य क्रू मेंबर्स हैं। विमान में इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के 20 अधिकारी भी सवार थे। इस प्लेन के दो पायलटों में से एक कैप्टन भव्य सुनेजा थे। बचावकर्मियों ने समुद्र से कई लोगों के शव निकाल लिए हैं। मरने वालों में एक इटली का नागरिक है। भव्य सुनेजा मूल रूप से दिल्ली के रहते थे। उन्हें 2009 में बेल एयर इंटरनेशनल से अपना पायलट लाइसेंस मिला था। वह मार्च 2011 में लॉयन एयर से जुड़े थे। इससे पहले वे अमीरात एयरलाइन में बतौर ट्रेनी पायलट 3 महीने काम कर चुके थे। सुनेजा के पास विमान उड़ाने का 6000 घंटे का अनुभव था। वे अपनी पत्नी के साथ जकार्ता में ही रह रहे थे, जबकि उनका बाकी परिवार दिल्ली में ही रहते हैं। लॉयन एयरलाइन में उनके को-पायलट हार्विनो के पास 5 हजार घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था।

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