किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने लगाया जाम, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

कृषि बिलों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। उत्तराखंड में किसानों के इस बंद का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। कहीं, बाजार बंद हैं, तो कहीं खुले हुए हैं। जगह-जगह छुटमुट प्रदर्शन भी हो रहे हैं। राजनीतिक दल भी किसानों के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं। कांग्रेस ने राजधानी देहरादून स्थित घंटाघर में सड़क पर धरना देककर जाम लगा दिया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, यात्रियों को आइएसबीटी से दिल्ली जाने के लिए बसें नहीं मिल रही, जिससे वे परेशान नजर आए। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में बाजार बंद करवाने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। हालांकि, सभी जिलों में पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। जिलों को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया है।

भाकियू नेताओं का हुड़दंग, दुकानें हुई बंद 

हरिद्वार में कंग्रेसियों और भाकियू नेताओं का जुलूस कोतवाली की बगल से बाजार में दाखिल हो गया है। कांग्रेस नेता हाथ जोड़ दुकान बंद करने का आग्रह कर रहे हैं, जबकि भाकियू के युवा नेताओं ने जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मुस्तैद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं का हुड़दंग देख कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें थोड़ी देर के लिए बंद कर ली। बाद में फिर शटर उठा लिए गए।

रायवाला में हर रोज की तरह खुली दुकानें 

रायवाला और आसपास ग्रामीण क्षेत्र के बाजार पर कोई असर नहीं दिखा। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान रोजाना की तरह लगभग 10:30 बजे खुले। सड़क पर ट्रैफिक भी सामान्य है। अभी तक किसी बंद समर्थक किसी दल के द्वारा दुकानों को बन्द करवाने की कोशिश भी नहीं की गई।

हालांकि आम आदमी पार्टी ने दुकानें बंद करवाने की घोषणा की थी, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं देखा जा रहा है। वहीं, शांति व सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख जगहों पर पुलिस भी तैनात हैं। पुलिस की गश्ती टीम भी लगातार राउंड पर है।

कोटद्वार में दिखा बंद का मिलाजुला असर 

कोटद्वार में कांग्रेस की ओर से कराए गए बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला है। सुबह सामान्य दिनों के समान दुकानें खोलने का सिलसिला शुरू हुआ। इस बीच करीब आठ बजे कांग्रेसी जुलूस की शक्ल में बाजार में उतरे और व्यापारियों से दुकाने बंद करने की गुजारिश की, जिसके बाद व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। हालांकि मुख्य बाजार से लगे क्षेत्रों में दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रही। बस-जीप टैक्सी सेवाएं सामान्य दिनों की तरह चली। पिछले कई दिनों से भारत बंद की चर्चा के चलते बाजार में आमजन कम नजर आया।

दरअसल, सोमवार को कांग्रेस ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया था, लेकिन सुबह से ही व्यापारियों ने दुकानें खोलने शुरू कर दी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाजार में सुबह से ही पुलिस बल तैनात हो गया था। बताना जरूरी है कि व्यापार मंडल की ओर से बंद का कोई आह्वान नहीं किया गया है। प्रशासन की ओर से भी स्पष्ट कर दिया गया था कि जबरन बाजार बंद नहीं करवाया जाएगा।

रुड़की में भी नजर नहीं आया आसर 

हरिद्वार जिले के रुड़की में किसानों के आंदोलन का अभी तक कोई असर नजर नहीं आया है। झबरेड़ा कस्बे में सामान्य दिनों की तुलना में ही बाजार खुला है किसान गन्ना लेकर कोल्हू और शुगर मिल में जा रहे हैं। मंगलौर, नारसन, लंढौरा और भगवानपुर में सामान्य दिनों की भांति कामकाज हो रहा है।

वहीं, विकासनगर के कुल्हाल में किसानों के भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। ग्राम पंचायत के आह्वान पर बाजार पूरी तरह बंद रहा।

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