डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में श्रीलंका की मदद कर रहा भारत

(शाश्वत तिवारी) नई दिल्ली: श्रीलंका के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) विकसित करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पड़ोसी देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग प्रौद्योगिकी मंत्रालय का सहयोग कर रहा है। भारतीय उच्चायोग और श्रीलंकाई प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कोलंबो में सह-आयोजित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर सम्मेलन प्रमुख प्रस्तावों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि डिजिटल परिवर्तन ही आगे बढ़ने का रास्ता है। भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह जानकारी साझा की। भारतीय उच्चायोग ने कहा पूरे श्रीलंका के विश्वविद्यालय डीपीआई सम्मेलन के लाइव प्रसारण में शामिल हुए। सम्मेलन ने छात्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अवसरों के बारे में जागरूक होने, सेवा वितरण, सामुदायिक सशक्तिकरण और आर्थिक नवाचार के संदर्भ में डीपीआई की परिवर्तनकारी क्षमता की समझ को बढ़ावा देने में सक्षम बनाया।

भारत की डिजिटल उपलब्धियों से प्रभावित श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले साल भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से श्रीलंका को डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मदद मांगी थी। उन्होंने डीपीआई सम्मेलन के लॉन्चिंग कार्यक्रम में बोलते हुए भारत के डीपीआई को एक अनुकरणीय मॉडल बताया और श्रीलंका की मदद के लिए भारत का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल रणनीतियों को अपनाकर श्रीलंका को काफी फायदा होगा। इस दौरान श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने में दोनों देशों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित किया।

इस दौरान भारतीय उच्चायोग ने 50 श्रीलंकाई स्टार्टअप्स के लिए क्षमता निर्माण कार्यशाला की मेजबानी की, जिसमें स्टार्टअप इंडिया के विशेषज्ञों ने श्रीलंका के उद्यमियों और छात्रों को डिजिटाइजेशन से जुड़ी तमाम बुनियादी चीजों से अवगत कराया। भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति पर काम करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में श्रीलंका की मदद कर रहा है, जिसमें अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हो गया है।

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