ताइवान में 228 Incident की बरसी पर मार्च, 1947 में 20 हजार लोगों का हुआ था नरसंहार

ताइवान की राजधानी ताइपे में 228 घटना (228 incident) की 74 साल पूरा होने से पहले 200 से अधिक लोगों ने मार्च किया। 28 फरवरी, 1947 को ताइवान में लगभग 20,000 लोगों का नरसंहार हुआ था। ताइवान टाइम्स के अनुसार इसे लेकर लगातार पांचवी बार 21 फरवरी को रैली आयोजित हुई। त्सई जुई-यूहु डांस रिसर्च इंस्टीट्यूट और नायलॉन चेंग लिबर्टी फाउंडेशन एंड मेमोरियल म्यूजियम द्वारा पहली बार 2017 में यह रैली आयोजित की गई थी। रैली में हिस्सा लेने वाले समूहों में ताइवान एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स, कोवेनंट्स वॉच और 228 मेमोरियल फाउंडेशन शामिल थे।

अधिकांश प्रदर्शनकारियों ने काले रंग के कपड़े पहने थे। उन्होंने दातोंग जिले के रिक्सिन एलिमेंटरी स्कूल से अपना मार्च शुरू किया और तियानमा टी हाउस, टोबैको मोनोपॉली ब्यूरो की ताइपे शाखा और ताइवान ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन से होते हुए एग्जिक्युटिव युआन तक गए। नायलॉन चेंग लिबर्टी फाउंडेशन एंड मेमोरियल म्यूजियम के निदेशक चेंग चू-मेई ने मार्च से पहले कहा कि अतीत को याद करने का उद्देश्य बेहतर भविष्य की ओर बढ़ना है।

28 फरवरी, 1947 को तत्कालीन चीनी राष्ट्रवादी पार्टी (KMT) शासन ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इस दौरान ताइपे में गवर्नर-जनरल के कार्यालय (अब एग्जिक्युटिव युआन बिल्डिंग)  में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने नागरिकों पर गोलियां चलाईं। इस दौरान प्रदर्शनकारी एक दिन पहले एक शख्स की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

ताइवान टाइम्स के अनुसार, अवैध रूप से सिगरेट बेचने वाली एक महिला के लिन चियांग-माई में फंसने के बाद टोबैको मोनोपॉली ब्यूरो के अधिकारियों के खिलाफ नान्गी डब्ल्यू रोड पर ताइपे के तियानमा टी हाउस के बाहर भीड़ इकट्ठा हुई थी। वह शख्स इसमें भी शामिल था। इस कार्रवाई के बाद, 19 मई 1949 को मार्शल लॉ लागू किया गया, जो 15 जुलाई, 1987 तक जारी रहा। इस दौरान सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और इसमें कई लोग मारे गए।

 

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