बिहार में एनडीए में चल रहे सीटों के बंटवारे का मामला लगता है कि सुलझ गया है

बिहार में एनडीए में चल रहे सीटों के बंटवारे का मामला लगता है कि सुलझ गया है। लेकिन, शनिवार को तीनों दलों, भाजपा, जदयू और लोजपा के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस टल गयी है और अब ये प्रेस कॉन्फ्रेंस रविवार यानि कल होगी। इसकी वजह बतायी जा रही है कि लोजपा नेता दिल्ली में मौजूद नहीं हैं, मुंबई में हैं।

बता दें कि एनडीए की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस शनिवार को नई दिल्ली में होने वाली थी जिसमें सीट बंटवारे का औपचारिक एेलान होने वाला था। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत जदयू के बड़े नेता दिल्ली में हैं। लेकिन, लोजपा नेता दिल्ली में मौजूद नहीं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को बिहार एनडीए दलों की बैठक बुलाई है। उससे पहले नीतीश कुमार आजशाम में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और सबसे बात करेंगे।

शनिवार को आयोजित बैठक के लिए लोजपा सुप्रीमो दिल्ली नहीं पहुंच सके हैं। इसकी वजह ये है कि  पासवान की मुंबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट रद हो गई है और वे आज देर शाम दिल्ली पहुंचेंगे। जिसके बाद वे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करेंगे।

एनडीए में सीटों का बंटवारा फाइनल हो गया 

दो दिनों से लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान एनडीए से नाराज बताए जा रहे थे, उनके ट्वीट्स और बयान से एेसा लग रहा था। इसका त्वरित असर ये हुआ कि गुरुवार और शुक्रवार को बीजेपी नेताओं के साथ मैराथन बैठक के बाद एनडीए में सीटों का बंटवारा फाइनल हो गया है।

17-17 सीटों पर जदयू और भाजपा लड़ेंगे, छह सीटों पर लोजपा

अब जबकि रालोसपा ने एनडीए का साथ छोड़ दिया है तो अब यह तय हुआ है कि जेडीयू और बीजेपी 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। लोजपा बिहार की पांच सीटों पर जबकि उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही लोजपा को असम से राज्यसभा की एक सीट भी दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी एक सीट उपेंद्र कुशवाहा के सहयोगी रहे अरुण कुमार को दे सकती है। इसके साथ ही बीजेपी ने बिहार के युवा नेता मुकेश सहनी के एनडीए में आने का विकल्प भी खुला छोड़ रखा है।

मांगे पूरी हो जाने के बाद अब लोजपा के एनडीए छोड़ने की आशंकाओं पर विराम लग गया है। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी-जेडीयू ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।

लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे रामविलास

सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने पासवान को राज्यसभा की एक सीट दिए जाने की मांग भी मान ली है। दरअसल, पासवान अपने स्वास्थ्य कारणों से लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, इसलिए राज्यसभा से आना चाहते हैं।

रामविलास की लोकसभा सीट हाजीपुर से पार्टी के राज्य अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस चुनाव लड़ेंगे।पहले इस सीट से पार्टी प्रमुख की पत्नी रीना पासवान के उम्मीदवार होने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी सूत्रों ने इस अटकल को खारिज कर दिया है।

एेसे होगा लोजपा में सीटों का बंटवारा    

बिहार में लोजपा की छह सीटों में चार-हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, खगड़िया पुरानी होंगी। मुंगेर और वैशाली सीटों के बदले पार्टी को नवादा और एक दूसरी सीट मिलेगी। हालांकि, खगड़िया सीट पर अभी असमंजस कायम है। भाजपा यह सीट लोजपा को देने को तैयार है, लेकिन संभव है वहां से जीते लोजपा सांसद महमूद अली कैसर एनडीए से अलग हो जाएं। ऐसी स्थिति में लोजपा अपने पसंद की कोई दूसरी सीट लेगी।

लोजपा ने गत चुनाव में वैशाली, हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर और नालंदा सीट पर उम्मीदवार दिया था। नालंदा सीट से पार्टी चुनाव हार गई थी। शेष छह सीटों पर उसके उम्मीदवार जीते थे। वैशाली से जीते रमाकिशोर सिंह ने लोजपा से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी है।

जदयू के एनडीए में शामिल होने के बाद ही नालंदा और मुंगेर सीट छोड़ने पर लोजपा सहमत हो गई थी। तब पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा था कि नालंदा सीट पर जदयू उम्मीदवार की जीत हुई थी। उसकी दावेदारी मजबूत है।

मुंगेर सीट भी जदयू के लिए ही छोड़ने की बात हुई थी। वहां से जदयू नेता ललन सिंह को चुनाव मैदान में उतारेगा, लेकिन तब भी पार्टी ने कहा था कि इन सीटों के बदले दो दूसरी सीटें उसे चाहिए।

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