
मध्य पूर्व में चल रहे भीषण युद्ध की वजह से तेल की सप्लाई में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि भारतीय कंपनियों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान से कच्चा तेल खरीदा है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। अमेरिका के दबाव की वजह से भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल लेना बंद कर दिया था, लेकिन अब युद्ध के हालातों को देखते हुए इसे फिर से शुरू किया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि भारतीय कंपनियों ने ईरान से तेल का इंतजाम कर लिया है और इसके पैसों के भुगतान में अब कोई रुकावट नहीं है। पिछले महीने अमेरिका ने तेल की कमी को दूर करने के लिए ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए ढील दी थी, जिससे यह सौदा आसान हो गया।
भारत अब 40 से ज्यादा देशों से तेल खरीदता है। कंपनियों को पूरी छूट है कि वे अपनी जरूरत और फायदे के हिसाब से कहीं से भी तेल मंगवा सकें।
कच्चे तेल के साथ-साथ भारत ने ईरान से 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस भी खरीदी है। यह गैस एक ऐसे जहाज से आई है जिस पर पहले पाबंदी लगी थी। यह जहाज बुधवार को मंगलौर बंदरगाह पहुंचा और वहां गैस उतारने का काम शुरू हो गया है।



