मंत्रिमंडल की बैठक में सीएम त्रिवेंद्र सिंह ने यात्री और माल वाहनों के तीन महीने का टैक्स किया माफ

कोरेाना की वजह से गहरे संकट से जूझ रहे परिवहन सेक्टर को सरकार ने बड़ी राहत दे दी। गुरूवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सभी छोटे-बड़े यात्री और मालवाहक वाहनों का तीन महीने का मोटर व्हीकल टैक्स एक बार फिर से माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। दूसरी तरफ, सरकार ने हाउस टैक्स को लेकर सैन्य अफसरों को झटका दे दिया है।

अबसे केवल जेसीओ रैंक से नीचे के कार्यरत और रिटायर सैन्य कर्मियों और उनकी वीर नारियों को ही हाउस टैक्स में छूट मिलेगी। सचिवालय में आयोजित कैबिनेट में 30 प्रस्ताव आए थे। इनमें मदन मोहन पुंछी कमेटी की रिपोर्ट पर काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। इसमें शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भी रखा गया है। एक प्रस्ताव को वापस ले लिया गया।

1. इन वाहनों को मिलेगी व्हीकल टैक्स छूट
सभी स्टेज और कांट्रेक्ट कैरिज बसे, स्कूल बस, कॉट्रेक्ट कैरिज टैक्सी, मैक्सी, ऑटो रिक्शा, विक्रम,परमिट छूट प्राप्त ई-रिक्शा और सभी भार वाहन को और तीन माह का मोटर व्हीकल टैक्स नहीं देना होगा। इससे सरकार को करीब 75 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इससे पहले 28 मई 2020 को भी सरकार ने तीन महीने का शुल्क माफ कर दिया था। राज्य में ऐसे सभी वाहनों की संख्या 1.5 लाख से ज्यादा है।

2. इन सैनिकों को होगी हाउसटैक्स में छूट: 
सभी कार्यरत और रिटायर हवलदार, नायक, लांस नायक, सिपाही को छूट मिलेगी। सैनिक विधवाओं को भी नहीं देना होगा हाउस टैक्स। राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए सैनिक कल्याण विभाग ने अधिकारियों को इस छूट से हटाने का प्रस्ताव रखा था। वर्तमान में राज्य में पूर्व सैनिकों की संख्या 1.70 लाख से ज्यादा है। इनमें विधवाओं कीसंख्या 43 हजार 232 है। जबकि कार्यरत सैनिकों की संख्या 80 हजार के करीब है। इनमें कार्यरत-रिटायर सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

लोनिवि में संविदा इंजीनियर का मानदेय हुआ 24 हजार
लोनिव में संविदा के आधार पर नियुक्त कार्यरत 307 कनिष्ठ अभियंताओं का वर्तमान में प्रतिमाह 15 हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसे 24 हजार रुपये करने का प्रस्ताव लाया गया था। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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