महाराष्ट्र के लोगों का भाजपा और एनडीए में बड़ा विश्वास है: सीएम नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दिल्ली से बुधवार को ट्रेन से चंडीगढ़ पहुंचे। यहां पर उन्होंने पत्रकारों से बात की और उनके सवालों के जवाब दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि महाराष्ट्र के लोगों का भाजपा और एनडीए में बड़ा विश्वास है। पांच दिसंबर को महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह है। मैं महाराष्ट्र के लोगों को शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर डबल इंजन की सरकार महाराष्ट्र के विकास की गति को तेजी से आगे बढ़ाएगी।

पत्रकारों ने पूछा कि क्या आप महाराष्ट्र जलेबी लेकर जाएंगे। इस पर उन्होंने कहा कि बिल्कुल, यहां से जलेबियां वहां खूब बंटी हैं और कल भी वहां खूब बंटेगी।

बता दें कि महायुति के प्रचंड बहुमत हासिल करने बाद भी सीएम के नाम को लेकर बीते कई दिनों से मंथन जारी है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जारी है। समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। यह कार्यक्रम इतना भव्य होगा कि इसमें 40 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है।

बुधवार को मुंबई में विधायक दल की बैठक होने जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जा सकता है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पर्यवेक्षक बना कर भेजा है।

मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व सीएम एक बार फिर महाराष्ट्र की कमान संभालेंगे। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी आईएएनएस से बात करते हुए ऐसे ही संकेत दिए थे।

उन्होंने कहा था, बुधवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री का ऐलान हो जाएगा। मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला करने का अधिकार पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को है। मुझे लगता है कि देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान हो सकता है। उनको मुख्यमंत्री पद का और उप मुख्यमंत्री पद का अच्छा अनुभव है। सभी विधायकों के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं। मुझे लगता है कि बुधवार को देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान हो सकता है।”

27 नवंबर को एकनाथ शिंदे ने मीडिया के सामने आकर कहा था कि उन्हें भाजपा का सीएम मंजूर है। इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वह सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय को अंतिम मानेंगे।

 

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