यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के दिन नौ नवंबर को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर बंद किए जाएंगे.

विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का शुभ मुहूर्त तय कर दिया गया है। धाम के कपाट भैयादूज के दिन नौ नवंबर को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर बंद किए जाएंगे। इसके साथ ही हिमालय में चारों धाम की कपाटबंदी की तिथि एवं मुहूर्त घोषित हो चुका है। गंगोत्री के कपाट आठ नवंबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर, केदारनाथ के नौ नवंबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर और बदरीनाथ के 20 नवंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 21 मिनट पर बंद किए जाएंगे।

यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त रविवार को तीर्थ पुरोहितों की मौजूदगी में निकाला गया। यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने बताया कि धाम के कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त मकर लगन में दोपहर 12:15 बजे निकला है। इसी दिन सुबह शनिदेव की डोली अपनी बहन यमुना को लेने खरसाली से यमुनोत्री धाम आएगी। वहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शनिदेव बहन के साथ खरसाली के लिए प्रस्थान करेंगे। परंपरा के अनुसार कपाटबंदी के मौके पर श्रद्धालु यम यातना से मुक्ति के लिए यमुनोत्री स्थित तप्त कुंड में स्नान करेंगे। इस दौरान स्थानीय लोग मां यमुना को चौलाई आदि से बना अष्टभोग लगाएंगे। 

उधर, गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट भैयादूज से एक दिन पूर्व अन्नकूट के मौके पर अमृत बेला में बंद किए जाएंगे। धाम में आठ नवंबर को सुबह 8:30 बजे मां गंगा के मुकुट को उतारा जाएगा। निर्वाण दर्शन के बाद मां गंगा की मूर्ति का महाभिषेक होगा और फिर धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

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