राजग के घटक दलों को भी भुगतना पड़ेगा केंद्र सरकार की विफलता का अंजाम : कांग्रेस

नई दिल्ली : कांग्रेस ने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुनबे में आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही तनातनी के बीच रविवार को राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि बिहार में सत्ता के लिए एक बेमेल गठबंधन चल रहा है। कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के खिलाफ है और ऐसे में इस वर्ग की राजनीति करने वाले रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा को राजग से अगल हो जाना चाहिए। गोहिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का अहंकार इतना अधिक है कि आत्मसम्मान वाला कोई भी सहयोगी दल उनके अगुवाई वाले गठबंधन में नही रह सकता। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व की केंद्र सरकार की विफलताएं इतनी ज्यादा हैं कि उनके साथ जो दल रहेंगे, उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

गोहिल ने कहा कि अगर उपेन्द्र कुशवाहा वहां असहज महसूस कर रहे हैं तो उसकी पुख्ता वजह है। वह एक अच्छे नेता हैं और अब तक उन्होंने पिछड़ों एवं अति पिछड़ों की राजनीति की है। ऐसे लोगों को इस फासीवादी पार्टी के साथ नहीं रहना चाहिए।कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार में जो लोग पिछड़ों और अतिपिछड़ों की राजनीति करते हैं उनको राजग से बाहर निकलना ही चाहिए क्योंकि भाजपा की राजनीति पिछड़ों और अति पिछड़ों के खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर राजग के घटक दलों में तनातनी चल रही है। रालोसपा ने शनिवार को कहा कि उन्हें 2014 के आम चुनाव की तुलना में 2019 में जो सीटें मिल रही हैं वह सम्मानजनक नही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 30 नवम्बर तक सीटों का बंटवारा हो जाएगा उससे पहले वह कुछ नहीं कहेंगे।

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