राजस्थान: 73 दिन में बच्ची के रेपिस्ट को फांसी की सजा

देश में हालत यह हो चुके है कि आपराधिक प्रवति के लोग मासूम बच्चियों को भी अपनी हवस का शिकार बना रहे है. लेकिन इन सब के बीच एक राहत देने वाली खबर यह आई है कि राजस्थान के अलवर में कोर्ट ने एक मामले में 22 दिन में फैसला सुना दिया था. जिसे कुछ दिनों तक सुरक्षित रखा गया था. अब उसमे कल यानि की शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुना दी गई है. देश में हालत यह हो चुके है कि आपराधिक प्रवति के लोग मासूम बच्चियों को भी अपनी हवस का शिकार बना रहे है. लेकिन इन सब के बीच एक राहत देने वाली खबर यह आई है कि राजस्थान के अलवर में कोर्ट ने एक मामले में 22 दिन में फैसला सुना दिया था. जिसे कुछ दिनों तक सुरक्षित रखा गया था. अब उसमे कल यानि की शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुना दी गई है.   पॉक्सो एक्ट के तहत राजस्थान में ये पहला मामला है, जिसमें फांसी की सजा सुनाई गई है. राजस्थान के अलवर में 7 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है. 7 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी पिंटू ठाकुर 19 वर्ष को अदालत में शनिवार को फांसी की सजा दे दी गई है.  यहाँ पर जज जगेंद्र अग्रवाल ने कहा जो सिर्फ हंसना और रोना ही जानती है, उसके साथ ऐसा कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला है. जब वह सोचने समझने के लायक होगी तो उसे महसूस होगा कि धरती पर जन्म लेना उसके लिए अभिशाप था. बता दें कि यह फैसला महज  73 दिन में सुनाया गया है.

पॉक्सो एक्ट के तहत राजस्थान में ये पहला मामला है, जिसमें फांसी की सजा सुनाई गई है. राजस्थान के अलवर में 7 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है. 7 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी पिंटू ठाकुर 19 वर्ष को अदालत में शनिवार को फांसी की सजा दे दी गई है.

यहाँ पर जज जगेंद्र अग्रवाल ने कहा जो सिर्फ हंसना और रोना ही जानती है, उसके साथ ऐसा कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला है. जब वह सोचने समझने के लायक होगी तो उसे महसूस होगा कि धरती पर जन्म लेना उसके लिए अभिशाप था. बता दें कि यह फैसला महज  73 दिन में सुनाया गया है.

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