
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ECO) पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। आगामी 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में ही अंतिम चरण का इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से 5 हजार से अधिक लोगों ने दावेदारी ठोकी थी, जिनमें से छंटनी के बाद अब सिर्फ 18 उम्मीदवार ही अंतिम रेस में बचे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, 3 सदस्यीय चयन समिति इन सभी 18 दावेदारों का साक्षात्कार लेगी। सीईओ पद के लिए कुल 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रारंभिक जांच और पहले चरण की समीक्षा के बाद चयन समिति ने 54 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया था। गहन छानबीन के बाद अब अंतिम चरण के लिए 18 नाम तय किए गए हैं। 2 दिनों तक चलने वाले इस साक्षात्कार के बाद चयन समिति 3 सबसे योग्य उम्मीदवारों का एक पैनल बनाकर ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में इन 3 नामों पर मंथन किया जाएगा और अंतिम रूप से नए सीईओ का ऐलान कर दिया जाएगा।
दरअसल, यह पूरा मामला जून 2026 में राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद से जुड़ा है। उस वक्त समाजवादी पार्टी ने श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी और कीमती सामान में करोड़ों रुपए के गबन का संगीन आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया था।
एसआईटी की जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर चढ़ावे की गिनती में लगे कर्मचारियों द्वारा कई बार चोरी किए जाने के पक्के सबूत मिले। इसके बाद 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और करीब 80 लाख रुपए की बरामदगी भी हुई। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा था। मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जुलाई 2026 में नए सीईओ पद के लिए देशभर से आवेदन मांगे थे।



