शाहिद ने कहा, 1996 से सबसे तेज एकदिवसीय शतक जड़ने का रिकार्ड मेरे नाम था फिर मेरी उम्र चाहे कुछ भी रही हो

इन दिनों उम्र के विवाद में घिरे पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपना बचाव किया है. शाहिद अफरीदी का कहना है कि जब उन्होंने राष्ट्रीय अंडर 14 ट्रायल में हिस्सा लिया तो उन्हें अपनी असली उम्र की जानकारी नहीं थी और इससे इस मुद्दे को लेकर सारी ‘गलतफहमी’ शुरू हुई. मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले अफरीदी ने कहा कि जब उन्होंने 1996-97 में नौरोबी में 37 गेंद में शतक जड़ा तो आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उनकी उम्र 16 साल थी लेकिन असल में वह 19 साल (आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ के अनुसार 21) के थे.

आत्मकथा के बारे में अफरीदी ने किया यह खुलासा

अफरीदी ने कहा कि उन्हें हाल में जारी अपनी आत्मकथा में अपनी आयु के बारे में बात करने का कोई मलाल नहीं है और साथ ही पुष्टि की कि पहले संस्करण में उनके जन्म का गलत वर्ष दर्ज है.

टीवी चैनल के साथ बातचीत में किया खुलासा

अफरीदी ने पाकिस्तानी टीवी चैनल से कहा, ‘‘रिकार्डों में मेरी आयु को लेकर दिक्कत का कारण यह है कि जब मैं पहली बार अंडर 14 ट्रायल के लिए गया तो मुझे भी अपनी असल उम्र नहीं पता थी. इसलिए जब चयनकर्ताओं ने मुझसे मेरी आयु के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें वह जानकारी दे दी तो दूसरे लोगों ने मुझे दी थी. क्रिकेट बोर्ड के रिकार्ड में यह आयु आधिकारिक रूप से दर्ज हो गई और इससे गलतफहमी हुई.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई मलाल नहीं है क्योंकि 1996 से सबसे तेज एकदिवसीय शतक जड़ने का रिकार्ड मेरे नाम था फिर मेरी उम्र चाहे कुछ भी रही हो.’’

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