सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की सजा को उम्रकैद में बदला

उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक पांच साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में आरोपी की मौत की सजा को बदलकर उसे 25 साल की सजा में बदल दिया है। आरोपी को अब बिना किसी राहत के इस सजा को काटना होगा। आरोपी का नाम सचिन सिंहराहा है। उसे सतना जिले की मैहर अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।

अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ए) और 302 (हत्या) का दोषी पाया था। सरकारी अभियोजक सुनील त्रिपाठी ने बताया था कि जिला जज ने इस अपराध को जघन्य करार देते हुए इसे दुर्लभतम श्रेणी वाला बताया है। त्रिपाठी के अनुसार इत्मा गांव की पीड़िता की 23 फरवरी, 2015 को बस छूट गई थी।

पीड़िता के चाचा ने सचिन से पूछा था कि क्या वह उसे स्कूल ले जा सकता है। आरोपी के पास वैन थी और परिवार के सदस्य उसे अच्छी तरह से जानते थे। पुलिस के अनुसार सचिन बच्ची को एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे पारासवाड़ा के पास स्थित कुएं पर ले गया। पहले उसने बच्ची का गला घोंटने की कोशिश की। इसमें नाकाम रहने पर उसे पानी में फेंक दिया। 

जब बच्ची स्कूल से घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सचिन को हिरासत मे लिया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने और हत्या की बात कबूल ली। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लड़की के शव को बरामद किया। जिला अदालत ने आरोपी पर 30,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था जिसमें से 25,000 रुपये पीड़िता के परिवार को देने के लिए कहा गया था।

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