‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ के लेखक के अंतिम संस्कार के लिए निकले सुधीर मिश्रा का ट्रैफिक देखकर फूटा गुस्सा

दिग्गज अभिनेता व पटकथा लेखक शिव कुमार सुब्रह्मण्यम अब इस दुनिया में नहीं रहें। इस खबर से उनके तमाम चाहनेवालों के बीच शोक की लहर है। रिपोर्ट्स के अनुसार शिवकुमार का मोक्षधाम हिंदू श्मशानभूमि में सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाना है, जिसमें मनोरंजन जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी। दिग्गज फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा भी दोस्त शिव कुमार के निधन से शोक में हैं और वह भी उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन इस बीच उन्हें भारी ट्रैफिक समस्या का सामना करना पड़ा जिसे देखकर उनका गुस्सा फुट पड़ा। इसकी भड़ास सुधीर मिश्रा ने सोशल मीडिया के जरिये निकाली है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा-‘पागल कर देने वाला ट्रैफिक जाम दोस्त के साथ संबंधों को कमजोर कर देता है। सड़क पर क्रेजी ट्रैफिक जाम है और हमें उनके अंतिम संस्कार के लिए देर हो रही है।’

इससे पहले सोमवार को सुधीर मिश्रा ने शिव कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया और कुछ पुरानी यादों को ताजा करते हुए अपने पहले ट्वीट में लिखा-‘शिव सुब्रमण्यम ने मेरे साथ इस रात की सुबह नहीं, चमेली और ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ में स्क्रिप्ट राइटिंग की। इससे बहुत पहले 1984 में जब मैं सईद मिर्जा की ‘मोहन जोशी हाजिर हो’ लिख रहा था तब नसीरुद्दीन शाह छोटे बच्चे (शिव सुब्रमण्यम) को सेट पर लाए और उसको सिखाने के लिए कहा।’

अपने अगले ट्वीट में सुधीर मिश्रा ने दुनिया के फेमस नाटककारों जी बी शॉ और बर्टोल्ट ब्रेख्त के बारे में बात करते हुए लिखा- शिव को शॉ और मुझे ब्रेख्त पसंद हैं। इसको लेकर कई बार हमारी बहुत बहस हो जाती थी, जिसके बाद ज्यादातर लोगों को लगता था कि हम दोनों आपस में कभी बात नहीं करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं था। रात गई बात गई, वह बहुत अच्छा इंसान था।

दिवंगत अभिनेता शिव कुमार सुब्रह्मण्यम ने सुधीर मिश्रा की फिल्म हजारों ख्वाहिशे ऐसी, चमेली और इस रात की सुबह नहीं जैसी फिल्मों के लिए पटकथा लिखी थी। शिव कुमार और सुधीर दोनों काफी अच्छे दोस्त थे और एक खास बांडिंग शेयर करते थे ।

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