हंटावायरस वाले जहाज पर दो भारतीय भी थे सवार, अबतक तीन लोगों की मौत

अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास फंसे क्रूज शिप पर हंटावायरस के मामले सामने आए हैं। इस शिप पर मौजूद क्रू सदस्यों में दो भारतीय भी शामिल हैं।

इस जहाज पर हंटावायरस फैलने की खबर सामने आई, जिसमें अब तक पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

Oceanwide Expeditions का ये लग्जरी क्रूज शिप 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया (Ushuaia) से निकला था और इसके 10 मई को स्पेन के कैनरी आईलैंड पहुंचने की उम्मीद है।

क्रूज पर दो भारतीय क्रू सदस्य मौजूद

रिपोर्ट के मुताबिक, जब ये क्रूज 10 अप्रैल को निकला, तब इस लग्जरी क्रूज पर 28 देशों के लगभग 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों लोग St Helena द्वीप पर उतर गए।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूज पर सवार 28 अलग-अलग देशों के लोगों में से 38 फिलीपींस से, 31 यूनाइटेड किंगडम से, 23 अमेरिका, 16 नीदरलैंड, 14 स्पेन, नौ जर्मनी, छह कनाडा और दो क्रू सदस्य भारत से थे।

WHO ने की तीन लोगों की मौत की पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को हंटावायरस के आठ संदिग्ध मामलों में से पांच की पुष्टि की है। हंटावायरस से 69 वर्षीय डच महिला, जिसमें वायरस होने की पुष्टि हुई थी, उनकी मौत हो गई है। उसके डच पति और एक जर्मन महिला भी मरने वालों में शामिल हैं।

यूनाइटेड नेशन्स की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि इस वायरस का फैलना किसी महामारी की शुरुआत नहीं है। WHO में संक्रामक रोग महामारी विशेषज्ञ Maria van Kerkhove ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि मौजूदा हालात छह साल पहले Covid-19 के समय जैसे नहीं हैं, क्योंकि हंटावायरस नजदीकी और सीधे संपर्क से फैलता है।

Van Kerkhove ने कहा, ‘यह Covid नहीं है, यह इन्फ्लूएंजा नहीं है, यह बहुत ही अलग तरीके से फैलता है। अधिकारियों ने MV Hondius पर सवार सभी लोगों से मास्क पहनने के लिए भी कहा था।’

WHO ने बताया कि हंटावायरस आमतौर पर चूहों जैसे जीवों से फैलता है, लेकिन इस बार के प्रकोप में पहली बार यह देखा गया है कि यह इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।

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