चीन में ऑनलाइन फूड स्कैम, 67 हजार ‘भूतिया दुकान’ का खुलासा

हाल ही में चीन में एक साधारण सी शिकायत ने पूरे फूड डिलीवरी उद्योग की पोल खोल दी है। एक ग्राहक ने ऑनलाइन ऑर्डर किया केक खाने के बाद हैरान रह गया। केक पर सजावट के लिए लगे फूल असल में प्लास्टिक के निकले। इस छोटी सी शिकायत ने जब जांच एजेंसियों को सक्रिय किया, तो सामने आया एक ऐसा विशाल घोटाला जिसने पूरे देश को चौंका दिया।

जांच में पता चला कि चीन में लगभग 67,000 फर्जी दुकान सक्रिय थे। इनकी न तो कोई फिजिकल दुकान थी, न ही वैध लाइसेंस और न ही कोई असली रसोई। ये सिर्फ ऑनलाइन ऐप्स पर दिखते थे। असल में ये सिर्फ एक स्क्रीन के पीछे का धोखा थे। जब प्रशासन ने गहराई से छानबीन की तो पाया कि ये फर्जी विक्रेता ऑर्डर लेकर उसे तुरंत किसी सस्ते और अंधेरे किचन में भेज देते थे, जहां बेहद घटिया तरीके से खाना बनाया जाता था।

फर्जी फोटो से बना बड़ा रेस्तरां

ये घोस्ट वेंडर ऐप पर खुद को आलीशान और बड़े रेस्तरां के रूप में पेश करते थे। चमकदार फोटोशॉप की गई तस्वीरें, फर्जी लाइसेंस और बनावटी रिव्यूज के सहारे ग्राहकों को आकर्षित किया जाता था।

ग्राहक जब महंगे दाम देकर ऑर्डर करता, तो असल में वो ऑर्डर ट्रेडिंग के खेल में चला जाता। बिचौलिए ऑर्डर की नीलामी करते और जो सबसे कम दाम में खाना बनाने को तैयार होता, उसी को काम सौंप दिया जाता। नतीजा? बेहद सस्ते में, बिना किसी साफ-सफाई और गुणवत्ता के खाना बनता, जिसकी कीमत ग्राहक अपनी सेहत देकर चुकाता।

इस घोटाले के खुलासे के बाद चीन की सरकार ने सात प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियों पर 44,000 करोड़ रुपये (लगभग 5.3 बिलियन डॉलर) का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना माना जा रहा है।

क्या था कंपनियों पर आरोप?

बिना किसी जांच के हजारों फर्जी वेंडरों को प्लेटफॉर्म पर काम करने की अनुमति देना
खाना बनाने वाली जगहों की सफाई और स्वास्थ्य मानकों की पूरी तरह अनदेखी करना
ग्राहकों से असली स्रोत छिपाना
जांच के दौरान सबूत मिटाने और अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश करना
जांच में बाधा डालने के लिए अजीब हथकंडे

जब सरकारी टीमों ने इन कंपनियों के दफ्तरों पर छापे मारे, तो कर्मचारियों ने हिंसक विरोध किया। कुछ ने सबूत मिटाने की कोशिश की, तो कुछ ने जांच रोकने के लिए झूठी बीमारी का बहाना बनाया। इन सभी गतिविधियों के लिए भी अलग से भारी जुर्माना लगाया गया है।

दुनिया भर में बढ़ रहा डार्क किचन और क्लाउड किचन का खतरा
यह समस्या सिर्फ चीन तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई देशों में डार्क किचन या क्लाउड किचन का मॉडल तेजी से फैल रहा है, जहां एक ही रसोई कई अलग-अलग ब्रांड नामों से खाना बेचती है।

इंग्लैंड: हर 7 में से 1 फूड डिलीवरी बिजनेस पूरी तरह डार्क किचन पर चल रहा है, जिसका कोई फिजिकल रेस्तरां नहीं होता।
ऑस्ट्रेलिया: एक ही किचन 17 अलग-अलग रेस्तरां नामों से खाना बेचते पाए गए। ग्राहक सोचते हैं अलग-अलग जगह से आ रहा है, जबकि सब एक ही जगह से बनता है।
अमेरिका और यूरोप: ब्रांड पारदर्शिता और क्वालिटी कंट्रोल की भारी कमी देखी जा रही है।
इंडोनेशिया: डार्क किचन की वजह से खराब हाइजीन और स्टोरेज के कारण बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग की घटनाएं बढ़ी हैं।

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