निर्जला एकादशी पर हरि वासर का रखें खास ध्यान

एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। पूरे साल में 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन इन सभी एकादशियों में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2026) को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत अधिक श्रेष्ठ पवित्र और फलदायी माना गया है।

इस व्रत के दौरान अन्न-जल का त्याग किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत को विधिपूर्वक करने से साधक को सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की कृपा से सभी पापों से छुटकारा मिलता है।

व्रत का पारण न करने से साधक का व्रत सफल नहीं होता है। इसलिए अगले दिन यानी द्वादशी तिथि के दिन व्रत का पारण करना चाहिए। पारण करते समय हरि वासर की अवधि का खास ध्यान रखें। हरि वासर के दौरान व्रत का पारण करना पूरी तरह से वर्जित है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्या है हरि वासर? तो ऐसे में आइए आपको बताते हैं इसके बारे में।

क्या है हरि वसर?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, द्वादशी तिथि के पहले एक-चौथाई के समय को हरि वासर कहा जाता है। इस अवधि के दौरान एकादशी व्रत का पारण भूलकर भी नहीं करना चाहिए। सरल शब्दों में आपको बताते हैं कि एक तिथि कुल 24 घंटे की होती है, तो द्वादशी तिथि के पहले 6 घंटे को हरि वासर कहा जाता है।

पारण में क्यों रखा जाता है हरि वास का ध्यान?
निर्जला एकादशी व्रत को बेहद कठिन माना जाता है। इतना कठिन व्रत करने के बाद अगर आपने व्रत का पारण करते समय हरि वास का ध्यान नहीं रखा, तो व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।
ऐसा माना जाता है कि हरि वासर के दौरान व्रत का पारण करने से व्रत निष्फल हो जाता है। इसलिए कहा जाता है कि एकादशी व्रत करने से पहले इससे जुड़े नियम के बारे में जरूर जान लें।

निर्जला एकादशी में पानी कब पीना चाहिए?
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पीने का सही समय व्रत के पारण के समय ही होता है। एकादशी तिथि की शुरुआत से लेकर द्वादशी तक सूर्योदय तक पानी नहीं पानी नहीं पीना चाहिए।

कब से शुरू होगी निर्जला एकादशी तिथि? (Nirjala Ekadashi 2026 Date and Time)
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 24 जून को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 25 जून को रात 08 बजकर 09 मिनट पर

निर्जला एकादशी 2026 व्रत पारण (Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)
निर्जला एकादशी व्रत का पारण करने का समय- 26 जून को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक

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