बिजली कटौती के मुद्दे पर नाराज हुए सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मंडलीय समीक्षा बैठक में बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों ने समस्या उठाई थी। उन्होंने चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश को दो-चार दिन में कमियां दूर करने के निर्देश दिए।

बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंडलीय समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अखबारों की कटिंग लहराते हुए बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। कहा कि इससे लोग खासे परेशान हैं। फॉल्ट दूर करने में काफी समय लग रहा है। इस पर सीएम नाराज हो गए। चीफ इंजीनियर से कड़े शब्दों में कहा कि मामला गंभीर है। दो-चार दिन के अंदर सभी कमियों को दूर करें और रिपोर्ट दें।

सर्किट हाउस में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से एक-एक करके कामकाज की जानकारी ली और समस्याओं के बारे में जाना। इस पर बरेली के जनप्रतिनिधियों ने बिजली संकट पर बोलना शुरू कर दिया। कहा कि विद्युत निगम के अधिकारी उनकी भी नहीं सुनते।

इस पर सीएम ने पूछा कि विद्युत निगम से कौन मौजूद है तो चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश खड़े हुए। उन्होंने सफाई देते कहा कि पांच फीडरों पर ओवरलोडिंग के कारण ज्यादा दिक्कत है। पिछले दिनों आंधी-बारिश के कारण पेड़ और खंभे टूटने के कारण समस्या आई थी। इस पर सीएम नाराज हुए। उन्होंने चीफ इंजीनियर को पूरी बैठक के दौरान खड़ा ही कराए रखा।

बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश
सीएम ने कहा कि ओवरलोडिंग बिजली चोरी के कारण है। बिजली चोरों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाएं। इसमें पुलिस और प्रशासन की मदद लें। जो बिजली चोरी करते मिले, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी की देखरेख में कमेटी बनाई जाए जो इस समस्या को दूर करने के लिए अपने सुझाव दे। हर हाल में इस समस्या का निस्तारण कराएं।

जुलाई में स्वीकृति, अगस्त में शिलान्यास, नवंबर में लोकार्पण की दी हिदायत
पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा के दौरान सीएम चुनावी मोड में दिखे। उन्होंने 15 जुलाई तक कार्यों की स्वीकृति, 15 अगस्त तक शिलान्यास और नवंबर तक काम पूरा कराने की हिदायत दी। सियासी जानकार इसे विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि साल के अंत या 2027 की शुरुआत में चुनाव आचार संहिता लगने की संभावना है। इसी को देखते हुए सीएम ने अफसरों को मिशन मोड में कार्य कराने की हिदायत दी है। इस दौरान 5120 करोड़ की 2155 परियोजनाओं पर चर्चा की गई। इसमें छह स्टेट हाईवे भी शामिल हैं।

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